लटैनाथ मल्लिकार्जुन

Thursday, 19 March 2020

'जनता कर्फ्यू' के बारे में वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं


   Hariprasad Joshi

कोरोना वायरस को लेकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। उन्होंने साफ शब्दों में देश को इससे सतर्क रहने का संदेश दिया। संयम के साथ इस संकटपूर्ण स्थिति से मुकाबला करने का भी मंत्र दिया। खासतौर पर उन्होंने जनता कर्फ्यू का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जनता को धैर्य के साथ इस स्थिति का मुकाबला करना होगा। 
  • मैं आज से जनता कर्फ्यू की मांग करता हूं। यानि जनता के लिए, जनता द्वारा लगाया गया कर्फ्यू। 22 मार्च रविवार को सुबह 7 से रात 9 बजे तक सभी देशवासियों को जनता कर्फ्यू का पालन करना है। जनता कर्फ्यू हमें आने वाली चुनौती से भी तैयार करेगी।  
  • हमें 22 मार्च को शाम 5 बजे ताली या थाली बजाकर, सायरन बजाकर सेवाभावियों का धन्यवाद करना चाहिए।
  • इस दिन कोई भी नागरिक घर से बाहर न निकले, न सड़क पर जाए, न मोहल्ले में जाए। लेकिन जो जरूरी काम में लगे हैं वो अपना कर्तव्य निभाएं। जनता कर्फ्यू आने वाली चुनौती से भी हमें तैयार करेगा। राज्य सरकारों से आग्रह करूंगा कि वो जनता कर्फ्यू पालन कराएं।
  • 22 मार्च को शाम पांच बजे हम दरवाजे, बालकनी से हम काम करने वालों के लिए आभार प्रदर्शित करें। कैसे? ताली बजाकर, घंटी बजाकर। मैं स्थानीय प्रशासन से आग्रह करता हूं कि वे सायरन बजाकर सभी को इसके बारे में बताएं।
  • मैं एक और गुजारिश करना चाहता हूं। लाखों लोग अस्पताल, एयरपोर्ट, दफ्तरों में व्यस्त हैं। लोगों ने दूसरों की खातिर काम किया है। उन्होंने खतरे के बावजूद लगातार काम किया है। ये लोग वायरस और देश के बीच एक सुरक्षा की तरह हैं। पूरा देश इन्हें सैल्यूट करता है। 
  • ये जनता कर्फ्यू दुनिया को दिखाएगा कि हम इस वायरस से लड़ने के लिए कितने तैयार हैं।
  • पीएम मोदी ने कहा कि एक व्यक्ति अन्य दस लोगों को जनता कर्फ्यू की जरूरत के बारे में बताए। 
  • एनसीसी, एनएसएस व धार्मिक संस्थाएं से निवेदन करता हूं कि वो जनता कर्फ्यू के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को बताएं। 
  • 22 मार्च का दिन हमारे लिए टेस्ट का दिन होगा कि हम वायरस से लड़ने के लिए कितने तैयार हैं। 
  • पहले के दिनों में युद्ध के समय लोग घरों की लाइट बंद कर लेते थे। इसी तरह से रोम में भी किया गया ताकि जरूरत के समय इसे अपनाया जा सके। 
Copy from Amar ujyala.....

Wednesday, 18 March 2020

Coronavirus कौनसे ग्रह हैं इस महामारी के कारण

                                             coronavirus 👊👊👊


                                         Astrologer: Hariprasad Joshi

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शनि, राहु और केतु ये तीनों ग्रह अप्रत्याशित परिणामों के कारक गए हैं। शनि जब अपनी स्वराशि में आता है, अप्रत्याशित घटनाओं को पैदा करता है। वर्तमान में शनि अपनी स्वराशि मकर में स्थित है। इस साल 24 जनवरी को यह इस राशि में आया था। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शनि इस महामारी का कारक है। इसके अलावा चंद्रमा इस बीमारी को फैलाने में अपनी भूमिका निभा रहा है। क्योंकि समुद्र और समुद्र से संबंधित चीजों के लिए चंद्रमा उत्तरदायी है। साथ ही मंगल और केतु भी गुरु के साथ धनु राशि में बैठे हैं जो कि इस स्थिति को गंभीर बना रहे हैं। लेकिन 22 मार्च 2020 को जब मंगल शनि की राशि मकर में प्रवेश करेगा तो परिस्थितियां और भी गंभीर हो सकती हैं। 

इतिहास बताता है कि साल 1312 में जब शनि मकर राशि में आया था तब पूरा यूरोप प्लेग जैसी महामारी से ग्रसित हो गया था। इस महामारी ने 7.5 करोड़ लोगों को मौत की नींद सुला दी थी। 1666 में भी शनि का मकर राशि में होना पुनः दुनिया के लिए बड़ा खतरा बना। इस दौरान प्लेग के कारण केवल लंदन की 20 फीसदी आबादी खत्म हो गई थी। फिर उन्नीसवीं सदी में भी शनि के अपनी स्वराशि में परिवर्तन से करोड़ों लोगों की मौतें हुई थी।

गुरु का राशि परिवर्तन करेगा इस महामारी का खात्मा
देव गुरु बृहस्पति कोविड-19 इस महीने 30 मार्च को राशि परिवर्तन कर रहे हैं। ज्योतिष गणना के मुताबिक गुरु का राशि परिवर्तन इस महामारी का काल बन सकता है। बृहस्पति का मकर में प्रवेश शनि-मंगल के इस प्रकोप को खत्म करेगा। शनि-बृहस्पति की युति इस महामारी को कमजोर कर देगी। वहीं 4 मई 2020 को जब मंगल मकर से कुंभ राशि में जाएगा तब इस वायरस का प्रभाव बहुत ही कम हो जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, कोरोना वायरस का कहर मई 2020 में कम हो जाएगा। हालांकि तब तक सुरक्षा और सावधानी ही बचाव है। 

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