लटैनाथ मल्लिकार्जुन

Friday, 17 October 2025

शास्त्रों के अनुसार “धनतेरस” क्या है, इसका आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व क्या है, और यह भारत-नेपाल समेत कहाँ-कहाँ मनाई जाती है।

 





🌕 शास्त्रों के अनुसार धनतेरस क्या है?

धनतेरस, जिसे “धनत्रयोदशी” भी कहा जाता है, दीपावली पर्व का प्रथम दिन होता है।

यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है।



📜 शास्त्रीय अर्थ:


“धन” का अर्थ है सम्पत्ति, स्वास्थ्य और समृद्धि,

और “तेरस” का अर्थ है त्रयोदशी तिथि (१३वाँ दिन)।


इस दिन भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था, जो देवताओं के वैद्य (Divine Physician) माने जाते हैं।

इसलिए इस दिन को स्वास्थ्य, आयु और समृद्धि का आरंभ माना जाता है।



🕉️ पुराणों में उल्लेख


📖 स्कंद पुराण और पद्म पुराण में वर्णन है —

> समुद्र मंथन के समय भगवान विष्णु के अवतार धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए।

उसी दिन त्रयोदशी तिथि थी — इसलिए यह दिन धनतेरस कहलाया।


🌿 धनतेरस का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व


1. भगवान धन्वंतरि की पूजा:

आरोग्य, दीर्घायु और रोगों से मुक्ति के लिए।

2. माता लक्ष्मी की पूजा:

घर में धन-समृद्धि का आगमन होता है।

3. दीपदान:

इस दिन यमराज के नाम से भी दीप जलाया जाता है ताकि अकाल मृत्यु से रक्षा हो।

> “धनं आरोग्यं च ऐश्वर्यं प्राप्नुयात् धनतेरसि।”


🪔 धनतेरस पर क्या करते हैं


नए बर्तन, सोना, चांदी या धातु के सामान खरीदना शुभ माना जाता है।

धन्वंतरि स्तोत्र या महा-मृत्युंजय मंत्र का जप किया जाता है।

दीपदान — घर के द्वार पर और दक्षिण दिशा में यमराज के लिए दीप जलाना।

सात्विक भोजन, ध्यान और दान।




🇮🇳 भारत में कहाँ-कहाँ मनाई जाती है


धनतेरस पूरे भारत में बड़े उत्साह से मनाई जाती है —


उत्तर भारत: उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में धन्वंतरि पूजा और दीपदान।


पश्चिम भारत: गुजरात और महाराष्ट्र में इसे “धनत्रयोदशी” कहा जाता है और व्यापारी नए लेखे (खाते) की शुरुआत करते हैं।


दक्षिण भारत: तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु में इसे “धन्वंतरि जयंती” के रूप में मनाया जाता है।


पूर्वी भारत: बंगाल और ओडिशा में भी लक्ष्मी पूजन के रूप में मनाते हैं।


🇳🇵 नेपाल में धनतेरस


नेपाल में इसे “धनत्रयोदशी” या “धनत्रयोदशी पर्व” कहा जाता है,

और यह तिहार (दीपावली) पर्व का पहला दिन होता है।

इस दिन वहाँ भी लोग घर की सफाई करते हैं, दीप जलाते हैं, नए बर्तन या आभूषण खरीदते हैं, और धन्वंतरि भगवान की पूजा करते हैं।


🌸 सारांश में


पक्ष                              अर्थ


तिथि                   कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी

देवता।                 भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी

मुख्य उद्देश्य           आरोग्य, आयु, समृद्धि की प्राप्ति

पूजन                    दीपदान, धन्वंतरि स्तोत्र, नए बर्तन की खरीद

क्षेत्र                        भारत और नेपाल (संपूर्ण हिन्दू समाज)


🌼 शुभकामना संदेश:


> “धनतेरस के इस पावन अवसर पर

आपके जीवन में धन, आरोग्य और समृद्धि सदैव बनी रहे।

जय धन्वंतरि भगवान 🙏”

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