ज्योतिष हरिप्रसाद जोशी
हिंदू धर्म
नेपाल और भारत की ज्यादातर आबादी हिंदू धर्म का पालन करता है जो इन देशो का सबसे प्राचीन धर्म है। सन् 2011 की नेपाल की जनगणना में, लगभग 81.3 प्रतिशत नेपाली हिंदू धर्म का पालन करते हैं। वहीं भारत में सन् 2011 की जनगणना के अनुसार 80 प्रतिशत भारतीय हिंदू धर्म का पालन करते हैं। इस धर्म को मानने वाले इसे सनातन धर्म भी कहते हैं। नेपाल में "ने" नाम के एक हिंदू ऋषि ने प्रागैतिहासिक काल के दौरान खुद को काठमांडू की घाटी में स्थापित किया, और उन्होंने बागमती और बिष्णुमती नदियों के संगम, टेकू में धार्मिक अनुष्ठान किया। और भारत में इस नाम को महात्मा गांधी ने लोकप्रिय बनाया। हिंदुओं के पवित्र ग्रंथ रामायण और भगवद गीता हैं। हिंदू लोग वेदों और उनपिषदों के सिद्धांतों का अभ्यास करते हैं। उनके पूजा स्थल को मंदिर या देवस्थान कहा जाता है। ये लोग मूर्तियों की पूजा करते हैं जिसे भगवान का प्रतिबिंब माना जाता है। लेकिन वह हिंदू जो आर्य समाज के हैं, वो मूर्ति पूजा नहीं करते हैं। हिंदू धर्म में प्रतीकों की एक व्यवस्था है जैसे स्वास्तिक का चिन्ह शुभ का प्रतीक है और ओम परम ब्रम्ह का प्रतीक है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार कई हिंदू त्यौहार हैं, जैसे दीपावली, होली, बिहू, गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा और अन्य जो देश में मनाए जाते हैं।
इस्लाम
नेपाल में मुसलमानों की आबादी करीब 4.4 प्रतिशत था। भारत में सन् 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की 13 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है और इसका पालन करने वालों को मुसलमान कहा जाता है। यह उप वर्गों में बंटा है जिनमें सबसे प्रसिद्ध शिया और सुन्नी हैं। मुस्लिमों की पवित्र पुस्तक कुरान है और ये पैगंबर मोहम्मद की शिक्षाओं का पालन करते हैं। इस्लाम में मक्का में की जाने वाली सालाना तीर्थयात्रा हज है जो शारीरिक और आर्थिक रुप से सक्षम हर मुस्लिम को जीवन में एक बार करनी होती है। भारत में मनाए जाने वाले प्रमुख इस्लामी त्यौहारों में ईद-उल-फितर, ईद-उल-जुहा और मुहर्रम हैं।
नेपाल में मुसलमानों की आबादी करीब 4.4 प्रतिशत था। भारत में सन् 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की 13 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है और इसका पालन करने वालों को मुसलमान कहा जाता है। यह उप वर्गों में बंटा है जिनमें सबसे प्रसिद्ध शिया और सुन्नी हैं। मुस्लिमों की पवित्र पुस्तक कुरान है और ये पैगंबर मोहम्मद की शिक्षाओं का पालन करते हैं। इस्लाम में मक्का में की जाने वाली सालाना तीर्थयात्रा हज है जो शारीरिक और आर्थिक रुप से सक्षम हर मुस्लिम को जीवन में एक बार करनी होती है। भारत में मनाए जाने वाले प्रमुख इस्लामी त्यौहारों में ईद-उल-फितर, ईद-उल-जुहा और मुहर्रम हैं।
सिख धर्म
गुरु नानक ने 15 वीं सदी में पंजाब क्षेत्र में सिख धर्म की स्थापना की थी। सिखों की पवित्र किताब गुरु ग्रंथ साहिब है जो गुरु के लेखन का संग्रह है। नेपाल वैसे तो एक हिंदू बहुल देश है, मगर वहाँ दूसरे कई धर्मों के लोग भी रहते हैं. इनमें सिख भी शामिल हैं. मगर उनकी आबादी लगातार घट रही है , 2011 में 0.2% सिख थे,
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की आबादी का 2 प्रतिशत हिस्सा सिर्ख धर्म के लोगों का है। सिख धर्म में कोई विशेष त्यौहार नहीं होते हैं लेकिन कुछ आमतौर पर मनाए जाते हैं, जैसे गुरुओं का जन्मदिन या शहादत दिवस। गुरुपूरब, बैसाखी, नगर कीर्तन, होला मौहल्ला आदि कुछ त्यौहार हैं जो सिख लोग मनाते हैं। सिखों के धार्मिक विश्वासों में उपवास या तीर्थ करना शामिल नहीं है। भारत में ज्यादातर सिख पंजाब में रहते हैं और इनके समुदाय बड़ी संख्या में पड़ोसी राज्यों में रहते हैं।
बौद्ध धर्म
बौद्ध धर्म
नेपाल में बौद्ध धर्म की स्थापना सिद्धार्थ गौतम ने की थी जिन्हें ‘बुद्ध’ भी कहा जाता है।
2012 की नेपाल में हुई जनगणना के अनुसार बौद्धों की जनसंख्या 10.7 से घटकर 9 प्रतिशत रह गया था। और भारत में बौद्ध लोग भारत की आबादी का सिर्फ 1 प्रतिशत हैं। ये लोग संसार, कर्म और पुनर्जन्म मेें विश्वास रखते हैं और बुद्ध की शिक्षा का पालन करते हैं। बौद्ध भक्ति प्रथाओं में तीर्थयात्रा, झुकना और जप करना और प्रसाद शामिल हैं। बुद्ध का जन्मदिन जिसे वेसक भी कहते हैं, असालह पूजा दिवस, मघा पूजा दिवस और लाॅय रोथोंग बौद्ध धर्म के कुछ त्यौहार हैैं।
ईसाई धर्म
ईसाइयों की तादाद 1.5 फीसदी थी। हालांकि ईसाईसमूहों का कहना है कि इस समय देश में ईसाई धर्म को माननेवालों की आबादी 3 लाख पहुंच चुकी है। 1990 में बहुदलीय लोकतंत्र की शुरुआत के बाद, और धर्मांतरण पर प्रतिबंधों की छूट के बाद, नेपाली चर्च तेजी से विकसित होने लगा। ईसाई धर्म का विस्तार नेपाल में एक विवादास्पद विषय है, और नेपाली ईसाई छिटपुट हिंसा और व्यापक सामाजिक बहिष्कार के अधीन रहे हैं। नेपाली मीडिया और राजनीतिक प्रवचन में अक्सर यह दावा किया जाता है कि मिशनरियों को बदलने के लिए घटिया सामग्री प्रोत्साहन की पेशकश की जाती है, लेकिन शोध से संकेत मिलता है कि अधिकांश नेपाली ईसाई मिशनरियों के संपर्क के अलावा अन्य कारणों से धर्मांतरण करते हैं। भारत में ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार भारत में ईसाई धर्म लगभग 2000 साल पहले आया। सन् 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या का 2.3 प्रतिशत ईसाई धर्म से है। ईसाई आबादी पूरे देश में पाई जाती है, लेकिन ज्यादातर दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और कोंकण तट के इलाकों में रहती है। ईसाई लोग ईसा मसीह में विश्वास रखते हैं और उन्हीं की पूजा करते हैं। उन्हें वे मानवता का रक्षक और परमेश्वर का पुत्र मानते हैं। ईसाइसों का मुख्य त्यौहार क्रिसमस है। गुड फ्राइडे, आॅल साॅल्स डे और ईस्टर कुछ ऐसे त्यौहार हैं, जो इस धर्म के लोग भारत में मनाते हैं।
हम यह सब देखकर समझ नहीं पा रहे हैं क्या हो रहा है? इसमें हंसना चाहिए और रोना कुछ समझ में नहीं आ रहे,, इतिहास है और क्या।।


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